नारद: हैपी रमजान शिंद जी,

Wednesday, August 1, 2012

हैपी रमजान शिंद जी,

जनाब  शिंद जी,                                                दिनांक - ३१ जुलाई २०१२ 

सलाम वालेकुम, 

शुन्य माता को मेरा सादर चरण स्पर्श कहियेगा, और अमूल भईया को के नमस्ते, आशा है वो लोग कुशल मंगल होंगे. उनकी कुशलता मे ही आपकी-हमारी कुशलता है, उनकी प्रसन्नता मे प्रसन्नता. 

रमजान के पाक महीने मे बिजली गुल करते ही अल्लाह ने आपकी  जिस प्रकार से आपकी बरकत दी है, उससे हमें  भी सुकून है की हमारी  भी बरकत होगी. आज शाम हम रमजान के पवित्र महीने और  आपके पदोन्नति के उपलक्ष मे धमाके बाजी कर खुशी का इजहार करेंगे, खुशी छोटी सी ही सही लेकिन कई बार मे मनाई जायेगी, क्या करे अभी कसाब भाईजान की तरह अल्लाह हम पर नजरे इनायत नहीं रखता, लेकिन  जब भी मौका मिलेगा हम एक बड़ी खुशी मनाएंगे इंशा अल्लाह,  इसी बहाने हमारी प्रक्टिस भी हो जायेगी. हाँ हम वादा करते हैं की मालो असवाब को कोई नुक्सान न होगा, रमजान के महीने मे इतना डिस्काउंट तो चलता है. हम उदार ब्लास्टर है..

आपके देश मे हमारे ही भाई हमें पसंद नहीं करते, कहते मुसलमान आतंकी नहीं हो सकता, अल्लाह उनको जल्द रास्ते पे लाये, दो चार तो आ भी गएँ हैं, क्या आप भी मानते है की हम मुसलमान नहीं?? दिग्गी अंकल ने हमारे धरम पिता "ओसामा जी"  का जो सम्मान किया उसको देखते हुए भी इस देश के मुसलमान भाईयों की शंका नहीं जाती. आशा इस दिशा मे आप कुछ नए कदम उठाएंगे. 

भारत - पकिस्तान मित्रता का जो कदम आपकी सरकार ने उठाया है वो काबिले तारीफ़ है, दो देश मित्र तभी हो सकते हैं जब दोनों की विचारधारा एक हो, हमारे यहाँ के साथ साथ आपके यहाँ भी धमाके हों, तब दर्द दूसरे दर्द को समझ पायेगा. हम आप मिलकर दोनों देशो के सम्बन्ध को और मजबूत बनायेंगे इशा अल्लाह. 

आशा है खुशी मनाने के इस तरह के तरीकों पे आपको एतराज न होगा, यहाँ की जनता भी इस प्रकार के जश्न की आदि हो गयी है, और आवाम भी खुश होती है, आपकी मिडिया को हमारा शुक्रगुजार होना चाहिए, कम से कम पचास घंटे का मैटर उनको भी मिलेगा.. साथ साथ आपकी सरकार को  भी, कुछ देर के लिए ही सही लेकिन अन्ना आन्दोलन से सबका ध्यान जरुर भटकेगा. 

 कृपया आप अपना विसिट कैंसिल कर दे, खामख्वाह लोग बाते बनायेंगे.  

रमजान मुबारक , 

शब्बा खैर. 

टेरिरिस्ट वेलफेयर असोसियेशन 

(भाईयों जितनी उर्दू आती है उसी हिसाब से लिखा है, बाकी खुद समझ लीजियेगा) 

4 comments:

रविकर फैजाबादी said...

उत्कृष्ट प्रस्तुति शुक्रवार के चर्चा मंच पर ।।

रविकर फैजाबादी said...

नारद का ही हाथ है, यह पूना विस्फोट ।

इक दिन पहले था लिखा, शिंदे पर इक पोस्ट ।

शिंदे पर इक पोस्ट , कमल है भाजप वाला ।

सिंह नाम का काम, कराये दंगा काला ।

जांच असम की करो, हाथ नारद का निकले ।

ए टी एस ध्यान धरो, बर्फ सेक्युलर न पिघले ।।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

नारद जी के व्यंग्य में, आता है आनन्द।
ब्न साबुन के धो रहे, ये सबको निर्द्व्न्द।।

सुशील said...

जय हो नारद जी की !

यहाँ कोई कुछ नहीं करता है
यहाँ तो हर किसी चीज में
किसी ना किसी का हाथ होता है
जहाँ हाथ नहीं होता है बस
वहाँ पर ही कुछ नहीं होता है
छोडि़ये जी क्या रक्खा है
हमारे हाथ में कुछ नहीं होता है
जो होता है वो बस हाथ के
कारण ही हर जगह होता है !