नारद: पाल बाबा का प्रेयर पैकेज

Friday, May 4, 2012

पाल बाबा का प्रेयर पैकेज


पॉल दिनाकरण  जो एक ईसाई इवेंजलिस्ट हैं उसके विषय में  कुछ नए तथ्यों के साथ यह पोस्ट पढ़िए और जानिये किकोयंबटूर में एक इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी का मालिक पॉल कैसे चलाता  है क्राइस्ट (ईसा ) की कृपा का कारोबार  ?

Paul dhinakaran fraud _bussiness of blessingsपॉल दिनाकरण  प्रार्थना की ताकत से भक्तों को शारीरिक तकलीफों व दूसरी समस्याओं से छुटकारा दिलाने का दावा करते हैं। पॉल बाबा अपने भक्तो को  इश्योरेंस या प्रीपेड कार्ड की तरह प्रेयर पैकेज बेचते हैं। यानी, वे जिसके लिए भगवान से प्रार्थना करते हैं, उससे मोटी रकम भी वसूलते हैं। मसलन 3000 रुपये में आप अपने बच्चों व परिवार के लिए प्रार्थना करवा सकते हैं। वे कोयंबटूर में एक इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी के मालिक हैं। उनका 24 घंटे का चैनल रेनबो भी है। दुनिया भर में उनके 30 प्रेयर टॉवर हैं। कहा जाता है कि उनकी किसी भी सभा में एक लाख से अधिक भक्त मौजूद होते हैं। इन बाबाओं की कामयाबी व धनवर्षा का राज इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में छुपा है। निर्मल बाबा जैसे लोग टीवी की बदौलत ही लाखों भक्तों को बेवकूफ बना एक करोड़ रुपये प्रतिदिन कमाने में कामयाब रहे। बताया जाता है कि बाबाओं का समूह साल में 40 हजार घंटों से भी अधिक समय तक भक्तों को टीवी के माध्यम से संबोधित करते हैं। भारत में सबसे पहली बार ओशो ने धर्मक्षेत्र में व्यवसाय के नियमों का खुल कर उपयोग करते हुए प्रवचन सुनने आने वालों के लिए टिकट बेचने की शुरुआत की थी। 1977-78 में उनके प्रवचन सुनने वालों को शिविर में प्रवेश के लिए सौ डॉलर चुकाने पड़ते थे। इसके लिए उनकी जमकर आलोचना हुई थी। लेकिन आज अधिकांश साधु-संत ओशो की ही नकल कर रहे हैं। बाबा रामदेव से लेकर श्री श्री रविशंकर व सुधांशु महराज से लेकर निर्मल बाबा, सभी के दर्शन के लिए पैसे लगते हैं। बाबाओं की कमाई का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आता है।
कैंब्रिज यूनिवर्सिटी ने भारतीय मूल की शिक्षाविद् श्रेया अय्यर की अगुवाई में कुछ वर्ष पूर्व एक शोध करवाया गया था। शोध में साबित हुआ   है कि भारत में धार्मिक संगठन व्यावसायिक संगठनों की तरह काम करते हैं और लोगों की निष्ठा बनाए रखने के लिए अपने क्रियाकलापों में लगातार बदलाव भी लाते रहते हैं। कैंब्रिज के अर्थशास्त्र विभाग के एक दल ने दो साल तक भारत के 568 धार्मिक संगठनों के क्रियाकलापों पर शोध किया था। शोध के लिए कर्नाटक, मध्य प्रदेश,उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर,पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र , उत्तराखंड और गुजरात के धार्मिक संगठनों को चुना गया था। मालूम हो कि अधिकांश करोड़पति-अरबपति बाबाओं का धार्मिक कार्यालय इन्हीं राज्यों में है। शोध में यह तथ्य भी सामने आया कि जिस तरह बाजार में करोबारी अपने विरोधियों को हर चाल में मात देने की कोशिश करते हैं, ठीक उसी तरह धार्मिक संगठन भी हर सही-गलत चाल चलने से परहेज नहीं करते हैं।

क्राइस्ट की कृपा बेचते हैं पॉल दिनाकरण

निर्मल बाबा से 17 गुना अधिक पैसा है पॉल दिनाकरण के पास
300 करोड़ वाले निर्मल बाबा के ऊपर जब वेब मीडिया /सोशल मीडिया महीने भर से मुहीम चलता रहा तब जाकर कहीं मुख्यधरा की मीडिया आँख खोल पाई | और अब तो रोज निर्मल बाबा के पीछे हर मीडिया चैनल लट्ठ लेके पद हुआ है | लेकिन बात केवल एक निर्मल बाबा की नहीं है | निर्मल बाबा तो ठगी -धोखेबाजी-अंधविश्वास -चमत्कार के मार्ग पर चल कर आम लोगों की जेब खाली कराने वालो की जमात का एक अदना सा खिलाड़ी है | श्री श्री रविशंकर के आर्ट ऑफ लिविंग की संपत्ति है करीब 2500 करोड़ रुपये, माता अमृतान्दमयी की संपत्ति है करीब 6000 करोड़ रुपये, पुट्टपर्थी के सत्य साईं बाबा की संपत्ति को लेकर अभी कुछ दिन पहले बवाल मच चूका है. पॉल दिनाकरन  जो कि एक इसाई एवंगेलिस्ट हैं उनकी संपत्ति 5000 करोड़ से ज्यादा है,बिशप के.पी.योहन्नान की संपत्ति 7000 करोड़ है, ब्रदर थान्कू (कोट्टायम , करेला ) की संपत्ति 6000 हज़ार करोड़ से अधिक है | बहरहाल , ऐसे बहुत से नाम हैं, जिनकी पोल जनता के सामने खोलनी बेहद जरुरी है और इसी पोलखोल में विनीत कुमार सिंह की इस रपट को पढ़िए :
पॉल दिनाकरन _paul ddhinakarn a fraudतमिलनाडु के चेन्नई में एक परिवार है जो खानदानी धर्म का बिजिनेस चला रहा है। इस परिवार का नाम है “धिनाकरण” जो की पता नहीं कब से लोगो को धर्म के नाम पर बहला-फुसला कर या धर्म के नाम पर डरा कर अपना बिज़नस करता है और खुद को एवंगेलिस्ट (evwngelist) बोलते हैं जिसका हिंदी मतलब होता है ईसाई धर्म का प्रचारक। इस परिवार के सबसे पहले इन्सान का नाम था “डी. जी. एश. धिनाकरण”| इन महाशय का कहना था की इन्होने खुद ही क्राइस्ट को देखा है जब ये जनाब सुसाइड करने जा रहे थे तब क्राइस्ट ने खुद इनके सामने आ कर इनको सुसाइड करने से रोका था| पर मै बाइबल को देखा तो पाया की क्राइस्ट कभी भी गलत लोगो का साथ नहीं देते हैं| और सुसाइड को हर धर्म में गलत मन गया है और शैतान के द्वारा प्रायोजित बताया गया है| तो इन्होने किसको देखा था क्राइस्ट को या शैतान को| पर यही धिनाकरण ने जब अमेरिका में अपना कम शुरू किया तो इन्होने बताया की इन्होने क्राइस्ट को अपने बेडरूम में सपने में देखा था| अगर हम इसको सही माने तो इनका पहला स्टेटमेंट गलत था…पर वही अगर पहले को सही माने तो दूसरा स्टेटमेंट गलत| किसी भी हालत में ये महाशय गलत शाबित हो रहे हैं| तो क्या ये मन जाये की क्राइस्ट को इतना करीब से देखने का दावा करने वाले ये क्राइस्ट के नाम पर झूट बोल रहे हैं| ये आप सब खुद ही डिसाइड करे| वैसे तो इनकी बहुत सारी कहानियां हैं पर वो फिर कभी|
इनके परिवार में और इनके सुपुत्र और आज के क्राइस्ट को देखने का दावा करने वाले के बारे में बताते हैं जो खुद को क्राइस्ट के बराबर बताने में भी गुरेज नहीं करते हैं| ये हैं ईसाई धर्म गुरु पॉल दिनाकरन या ”पॉल धिनाकरण”|
पॉल दिनाकरन  का जन्म ४ सितम्बर, १९६२ को हुआ| ये जनाब भी अपने पिता की तरह दुखी थे तो इनके पिता के द्वारा क्राइस्ट ने इनसे बात करी और इनकी जिंदगी बदल गई और इन्होने MBA किया| २७ साल की उम्र में इन्होने मद्रास यूनिवर्सिटी से मैनेजमेंट में PHD किया| निर्मल बाबा तो केवल भारत में टीवी चैनल पर आते हैं पर ये तो ९ देशो के टीवी चैनल पर कब्ज़ा किये हुए बैठे हैं| ये जनाब जीसस काल्स मिनिस्ट्री के नाम पर मैर्रिज ब्यूरो तो जॉब ब्यूरो और न जाने क्या क्या चलते हैं| यहाँ तक की अपनी वेबसाइट्स पर ये डोनेसन को भी बोलते हैं|
प्रार्थना की फीस हजार रुपय���
प्रार्थनाओं की ताकत से अनुयायियों को शारीरिक तकलीफों व दूसरी समस्याओं से मुक्ति दिलाने का दावा करते हैं। दिनाकरन इश्योरेंस या प्रीपेड कार्डों की तरह प्रेयर पैकेज बेचते हैं। यानी, वे जिसके लिए गॉड से प्रार्थना करते हैं, उससे मोटी रकम भी वसूलते हैं। मसलन 3000 रुपये में आप अपने बच्चों व परिवार के लिए प्रार्थना करवा सकते हैं। वे कोयंबटूर में एक इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी के मालिक हैं। उनका 24 घंटे का चैनल रेनबो भी है। दुनिया भर में उनके 30 प्रेयर टॉवर हैं। कहा जाता है कि उनकी किसी भी सभा में एक लाख से अधिक भक्त मौजूद होते हैं। इन बाबाओं की कामयाबी व धनवर्षा का राज इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में छुपा है।
एक और ध्यान देने वाली बात है की जो इन्सान ( पॉल दिनाकरन ) हर मर्ज को ठीक करने का दावा करता हो उसी का बाप जो खुद भी क्राइस्ट से मिल चूका है वो २००३ में हॉस्पिटल में एडमिट था| तो जब स्वयं क्राइस्ट से मिला इन्सान खुद को हॉस्पिटल तक में एडमिट होने से नहीं बचा पाया और न ही उसका बेटा जो उसी की तरह दावा करता है वो खुद भी क्राइस्ट से मिल चूका है और रोगियों को और रोग को ठीक करता है वो अपने बाप को नहीं बचा पाया तो ये आम जनता को कैसे बचाता है| क्या ये रिसर्च का विषय नहीं है मीडिया के लिए?

अब पॉल दिनाकरन  के बिजिनेस के प्लान के बारे में जानिये ;
अगर हम इन पॉल दिनाकरन महाशय द्वारा दी गई वेबसाइट को देखे जिसको इन्होने अपने बिजिनेस प्लान का ही नाम दे रखा है —

इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी के हिसाब से १४ मार्च, २००८ को क्राइस्ट पॉल धिनाकरण के सपनो में आए और अपना बिजिनेस प्लान बताया| ध्यान रहे ये बिजिनेस प्लान क्राइस्ट ने पॉल धिनाकरण को बताया है|

क्राइस्ट ने पॉल धिनाकरण से जो बोला वो मै यहाँ उल्लेख कर रहा हु इन्ही के शब्दों में, “I have started a new era now. The old era has ended with your father. This new era is the one that has to prepare the world for My Second Coming. In the coming days, I am going to raise up millions of prophets and apostles. I will operate the apostolic power and prophetic gifts in the world.”

क्राइस्ट ने पॉल धिनाकरण से कहा की क्राइस्ट ने एक नया युग चालू किया है| पुराना युग पॉल धिनाकरण के साथ ही ख़तम हो गया| और अब क्राइस्ट इस नए युग में नए रूप में आएंगे और साथ ही लाखो ईसाई धर्माचार्य लायेंगे| और इस विश्व को एक विशेष शक्ति से चलाएंगे साथ ही गिफ्ट भी मिलेंगे|

The Lord also said, “I will give visions containing My revelations to My children so that they will follow new strategies in their business matters and also manage their business affairs through innovative methods. When they implement them, they will flourish all over the nation. Their wealth and profit will grow manifold. They will occupy prominent positions in multiplying the national assets and products. Therefore, they will be consulted by government agencies at the highest level when national economic policies are formulated and implemented. This will help the nation in becoming prosperous and also in equal distribution of wealth’.
क्राइस्ट ने धिनाकरण से कहा की क्राइस्ट अपने बच्चो को एक नयी शक्ति देंगे बिजिनेस से जुड़े मामलो के लिए और साथ ही बिजिनेस को नए तरीको से करनासिखायेंगे| और जब बिजिनेस करने वाले लोग इसको मानेंगे तो वो पुरे राष्ट्र को फ़ायदा पहुचाएंगे| क्राइस्ट के बताये बिजिनेस के सूत्र से बिजिनेस करने वाले लोगोको सरकार तक जुड़ना चाहेगी और ये लोग इकोनोमिक वे में सबसे ज्यादा मजबूत होंगे|
अब मेरा सवाल है की क्या आज कल क्राइस्ट बिजिनेस में भी इंटेरेस्ट लेने लगे है क्या?
अब इसी क्रम में आगे देखते हैं की पॉल धिनाकरण जी से क्या बिजिनेस प्लान बताया क्राइस्ट ने—
१. क्राइस्ट बिजिनेस करने वाले लोगो को अपने इस बिजिनेस प्लान में पार्टनर रखना चाहते हैं…और इसके लिए बिजिनेस करने वाले लोगो को इस प्लान के लिएरजिस्ट्रेसन करना होगा| (यानि यहाँ भी क्राइस्ट अपनी कृपा फ्री नहीं दे रहे हैं)
२. इसके बाद पॉल धिनाकरण की संस्था जीसस काल्स इन बिजिनेस से जुड़े लोगो के लिए प्रार्थना करेगी इनके बिजिनेस का नाम ले कर वो भी ईमानदारी से| (क्याकिसी और के प्रार्थना करने भर से क्राइस्ट खुश हो कर अपनी कृपा देंगे और बिजिनेस आगे बढेगा या की खुद काम करना पड़ता और खुद की की गई प्रार्थना ज्यादासहयोग और संतुस्ती देती है)
३. अब आगे पॉल धिनाकरण जी कहते हैं की बिजिनेस करने वाला विश्व के किसी कोने में हो वो ईमेल से अपनी प्रार्थना पॉल धिनाकरण को भेजे और पॉलधिनाकरण उस बिजिनेस करने वाले के लिए क्राइस्ट से प्रार्थना करेंगे उस बिजिनेस करने वाले के बिजिनेस या दुकान या किसी भी बिजिनेस से जुड़े काम के लिए| (क्या ईमेल से भी क्राइस्ट खुश हो रहे हैं आज कल या की कोई और खुश हो रहा है क्राइस्ट के नाम पर)
४. अब जब पॉल धिनाकरण जी बिजिनेस करने वाले के लिए प्रार्थना करेंगे तो उस बिजिनेस करने वाले के बिजिनेस पर क्राइस्ट की कृपा होगी| (क्राइस्ट आज कलइतने फ्री हो गए हैं क्या)
अब सवाल उठता है की क्या ये प्रार्थनाये फ्री हैं या बिजिनेस करने वालो को कुछ कीमत चुकानी होगी| इस दुनिया में कुछ भी फ्री नहीं मिलता यहाँ तक की मौत भीनहीं तो आइये देखते हैं की क्राइस्ट पॉल धिनाकरण के द्वारा इन बिजिनेस करने वालो से क्या कीमत वसूलते हैं अपना कृपा देने का—
१. बिजिनेस करने वाला अपनी श्रधा से कुछ भी दे सकता है क्राइस्ट को मतलब क्राइस्ट की कृपा की कीमत लग रही है यहाँ जो बिजिनेस करने वाला अपने से देखे|गुरु सभी जानते हैं की सारी गेंद एक के पाले में ही रखोगे तो वो तो बड़ी कीमत ही देगा|
२. बिजिनेस करने वाला अपने बिजिनेस में हुए लाभ का एक हिस्सा हर महीने क्राइस्ट के कदमो में क्राइस्ट के कृपा के कीमत के रूप में चढ़ा सकता है जो की पॉलधिनाकरण के जेब में जाएगी|
३. बिजिनेस करने वाला अगर ऊपर दिए गए दोनों तरह से नहीं दे पा रहा है तो वो साल के बिजिनेस में हुए लाभ में से एक हिस्सा दे सकता है क्राइस्ट के कृपा की कीमत|
४. बिजिनेस करने वाला महीने के पहले दिन की अपनी कमाई क्राइस्ट को क्राइस्ट के कृपा की कीमत के रूप में दे सकता है|
५. अपने महीने के पहले दिन के मिनिस्ट्री के आगमन के दिन की कमाई आप क्राइस्ट की कृपा की कीमत समझ कर दें|

कुछ सवाल सीधे पॉल धिनाकरण से : -

क्या आज कल क्राइस्ट अपनी कृपा की कीमत तय कर रहे हैं?
क्या एक MBA और PHD किया हुआ इन्सान कृपा बाँट रहा है या लोगो को मुर्ख बना कर कृपा की कीमत लगा रहा है?
अब जब ये इतने सालो से खुलेआम हो रहा है तो आज तक किसी मीडिया वाले की नजर इस गड़बड़ झाले पर क्यों नहीं पड़ी?
क्या मीडिया को उसके चुप रहने की कीमत क्राइस्ट के इस कृपा की कीमत में छुपा है?

साभार : जनोक्ति 

4 comments:

रविकर फैजाबादी said...

सोचा था |
हल्का फुल्का हास्य होगा पढ़कर निकल लूँगा |
दो शब्द चिपका कर |
पर यह तो गंभीर विषय है--

चार तरह की चल रही, दुनिया में सरकार |
नेता बाबा माफिया, हाथों में तलवार |

हाथों में तलवार, अलग साम्राज्य बना लें |
ताल मेल अंदाज, हाथ दो रक्त सना ले |

निर्मल अदना जीव, बहुत से घाघ बिराजें |
गोली बोली वोट, चोट से कोरट साजे ||

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ said...

क्या बात है!!
आपकी यह ख़ूबसूरत प्रविष्टि कल दिनांक 07-05-2012 को सोमवारीय चर्चामंच-872 पर लिंक की जा रही है। सादर सूचनार्थ

दीपक बाबा said...

भाई आयातित बाबा बहुत मोटी खाल के होते हैं, देखिएगा कुछ ही दिन में सभी तीर टूट कर गिर जायेंगे,

संजय @ मो सम कौन ? said...

हम लोग तो भेड़ हैं, हमें बाल उतरवाने ही हैं चाहे निर्मल बाबा उतारे या पाल बाबा| तैयार बैठे हैं हम मूरख बनने को, बनाने वाला चाहिए|