नारद: इस्लामिस्ट कभी खुश नहीं रह सकते - तसलीमा

Sunday, March 17, 2013

इस्लामिस्ट कभी खुश नहीं रह सकते - तसलीमा

बांग्लादेश एक इस्लामिक देश है, हर इस्लामिक देश की तरह यहाँ के गैर मुसलमान  अपने खिलाफ हुए अन्याय की प्रतिक्रिया नहीं दे सकते 

हिन्दुओ के जले घर , - नोवाखली 

बांग्लादेश में मुसलमानों ने हिंदुवो के घर और मंदिर जलाये, क्या  वो इस्लाम के  विरोधी या इस्लाम के लिए खतरा थे ?
"नहीं "

तो फिर मुसलमानों का उनके ऊपर आक्रमण क्यों ?
"क्यों की मुसलमान  बांग्लादेश को विशुध्द रुप से दारुल इस्लाम बनाना चाहते हैं जहाँ, गैर मुस्लिम के रहने पे रोक हो ."

यदि गैरमुस्लिम बांग्लादेश छोड़ दें तो क्या मुसलमान खुश रहेंगे ?
" नहीं तब वो अहमदिया और नॉन सुन्निस को को मारेंगे"

यदि नॉन - सुन्नी भी बांग्लादेश छोड़ दें तो क्या वो खुश रहेंगे ?
" नहीं, तब वो उन सुन्नियो को मरना शुरू करेंगे जो ५ बार नमाज नहीं पढ़ते, या जो रमजान के महीने में रोज उपवास नहीं रखते"

अब तो  खुश रहेंगे ?
"नहीं"

क्यों ?
"अब उन्हें नरक का डर रहेगा", की क्यों इतने लोगो ओ मारा "

अब वो क्या करेंगे ?
"अब वो हज  करना मक्का जायेंगे "

---- तसलीमा नसरीन द्वारा . (http://freethoughtblogs.com/taslima/2013/03/17/islamists-are-never-happy/)


शायद तभी ये कहावत बनी होगी " नौ सौ चूहे खा के बिल्ली चली हज को

सादर

कमल






2 comments:

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ said...

वाह!
आपकी यह प्रविष्टि कल दिनांक 18-03-2013 को सोमवारीय चर्चा : चर्चामंच-1187 पर लिंक की जा रही है। सादर सूचनार्थ

रविकर said...

दमदार प्रस्तुति-
तथ्यों पर आधारित हकीकत-