नारद: एक था राहुल :

Friday, April 27, 2012

एक था राहुल :



 कुछ महीने पहले आर्यावर्ते जम्बू द्वीपे राजधानी देल्ही में राहुल नाम नाटकबाज रहा करता था. इनका जन्म छद्म - देशभक्त नेहरू के खानदानी पुत्र राजिव के घर में गलती से हुआ था. इनकी माता का नाम कुछ कोई, मायनों था जिस पर उनको शर्म आ रही थी तो कालांतर में बदल कर सोनिया कर लिया.  इनकी शिक्षा -दीक्षा कहाँ हुयी भगवान् ही जनता है ,कोई कहता है हार्वर्ड से भगाए हुए भगोड़े हैं, कोई कहता है कैम्ब्रिज से कछुन्नर से पास हुयें हैं, खैर इनकी माँ की तरह इनके शिक्षा के बारे में भी  विद्वानों में मतभेद है. शिक्षा  के नाम पे फ्राड डिग्रियां और गुण के नाम पे खानदानी -अनुवांशिक गुण नौटकी का, इनके जाती एवं खानदान के बारे विद्वानों में मतभेद है  यहाँ तक नाम भी सहेंस्पाद है यहाँ तक की  पिता के बारे में मतभेद है वैसे कागजी तौर पर किसी राजिव को कहा जाता है. इनकी एक मात्र सुन्दर , सेक्सी बहिन प्रियंका ने किसी ईसाई ठठेरे से शादी कर परिवार का नाम रोशन किया. जिसके  चलते ठठेरा रातो रात वी आई पि बन गया, भगवान् जाने किस संसदीय नियमो के तहत लेकिन इसकी किसी भी एअरपोर्ट पे चेकिंग नहीं होती, देश चाहे गोला बारूद लाये या हथियार कोई रोक टोक नहीं . 

अब आईये राहुल के जीवन के विभिन्न पहलूवों से रूबरू होते हैं :-

विविध  संस्कृति प्रेमी : 
राहुल मनाता है की अनेकता में एकता, राहुल विभिन्न संस्कृतियों के पोशक है. इसी कारन वश इनके विवाह में विलम्ब है . अपने इसी बहु -संस्कृति प्रेम के कारन के कारण कभी सुकन्या बलात्कार के मामले में फसते हैं तो कभी वेरोनिका के साथ जीवन आनंद लूटते दिखाई पड़ते है, सब मिला के भारतीय और पाश्चात्य संस्कृत का अनूठा संगम है राहुल. 
कभी ये अपनी दाढ़ी मुसलमानों की तरह रखते हैं तो कभी अपने आपको ब्राहमण  घोषित कर अपनी माता को संशय में डाल देते हैं जबकि जन्मजात ईसाई होने के कारन केरला के एक इसाई पतित  गुरु पाल दिनाकरण  के तलवे चाटते इनको आसानी से देखा जा सकता है.  

धैर्यवान:  
राहुल बहुत धैर्यवान  और मनन शील है, वो बात  अलग है की कभी कभार मंच पर चिल्ला पों करते हुए दिखाई दिए हैं, एक बार इन्होने उमा भारती जी को दुसरे प्रदेश का कहा था , तब उमा जी इनके माता की पराई भूमि का संज्ञान बड़े कठोर वचनों में कराया था, तब इन्होने अपनी बोलती बंद कर अपने धैर्य का परिचय दिया. 

हास्य प्रेमी : 
राहुल हास्य प्रेमी भी है, इनके अभिनय और नौटंकी से  जनता में बरबस हास्य और हसी का पुट भर जाता है. लोग इनको देख के गंभीर बने रहने का अभिनय  तो करते हैं लेकिन मन ही मन खूब हसी का आनंद  उठाते है. इस्नका हर पल रूप बदलना भी लोगो के हास्य का कारन बनता है, बड़े ही  बहरूपिये   किस्म के हैं अपने राहुल 

समालोचक:
राहुल एक अच्छा  समालोचक भी हैं. चुनाव के समय में संबधित प्रदेशो  के गरीबी  और भीखमंगी  दुर्दशा का समोलोचना बड़े ही बेहतरीन ढंग से करते हैं और चुनाव ख़त्म होते ही  कहीं भूमिगत हो जाते हैं,और साथ में गायब हो जाती है उस प्रदेश की गरीबी  और दुर्दशा भी. बाद में यही गरीबी और दुर्दशा  का उस प्रदेश में  स्थानांतरण करा देते हैं जिसमे चुनाव होने वाला  हो.  इनकी ये मेंढकी मौसमी प्रवृत्ति, आनुवंशिक  गुण है.

भोज्य पदार्थ के प्रेमी:    
राहुल खाने पिने के शौक़ीन है, चुनावी समय में घर घर पहुच गरीबो तक का खाना खा जाते हैं और डकार भी नहीं मारते, ठीक उसी तरह जैसे इनके पार्टी के लोग देश खा के सांस भी नहीं छोड़ते. खाने का इनका खानदानी शौक रहा है है, कभी देश की भावनाए खा गये, कभी देश की जनता की भावनाए, आजकल देश भी जम के खा रहे हैं, वो तो भला हो सुब्र्मनाय्म स्वामी का जो उलटी करने की दवाई समय समय पर देते जाते हैं, ताकि हाजमा सही बना रहे है.

पारखी: 
राहुल एक उम्दा पारखी भी है, उन्होंने चुन चुन देश भर अपने साथ नवरत्न  चेलों का जमावड़ा लगाया है. 
१. डिग डिग  दिग्गी  : 
सबके लिए एक सामान क्या साधू क्या आतंकवादी , सबके लिए दिल में प्यार. मानसिक रूप से कमजोर लेकिन प्रसन्न व्यक्तित्व के मालिक. श्वान प्रवचन के प्रणेता, मजबूत पीठधारी. 
२. सलमा खुजली  :
इस्लाम के नाम पर सम्प्रद्यिकता फैला कर मुसलमानों के दिल में खास जगह बनाने वाले भारत वर्ष के एक मात्र नेता. 
३. क -पिल सब बल: 
संसाधनों काजम के उपयोग करने में मंथरा, पिल बांटने  में उस्ताद चाहे वो आई पिल हो या आई टैबलेट. इनकी बंदरों जैसी मुस्कान किसी का भी मन मोह सकती है, खासकर बन्दर इनके सबसे बड़े  फैन्स हो गए हैं, सुनने में आया है कि बनारस के संकटमोचन के बंदरों  ने हड़ताल कर दी है, मांग है की हनुमान जी मूर्ति हटा के कपि-ल जी की फोटो ही लगा दो.     
४. मनु सिंघी : नैतिक शास्त्र एवं  महिला कल्याण में अग्रणी, महिलाओ के साथ साथ नैतिक कल्याण हेतु अपना चैंबर भी दान में दे देते हैं, बदले में बस चिर काल तक इज्जत  लेते हैं,  अब समझ में आया की क्यों मायावती जी " मनुवादियों" को कोसती थी. 
५. मदेरणा: 
मनु सिंघी के गुरु, लेने -देने परंपरा के प्रणेता, "सर्व महिलामांसा  हारी" सुना है आजकल पौरुष  हारी होके जेल का चक्कर कट रहे हैं, लेकिन युवराज राहुल जरुर ही इनकी नईया पार लगा देंगे.  
६.चिद्दू:
ए जी -ओ जी से लेके टू जी तक में अपना दिमाग लड़ने वाले   एक महान लुंगी धारी, जिनके लुंगी का घेरा कितना बड़ा है  बता पाना आजतक किसी भी दलाल के लिए संभव नहीं है. कहा जाता ही इस घेरे की कुल गहराई समुद्र की तरह अनंत हैं जहाँ  कई घोटाला  रूपी सीप एवं मोती छुपे बैठे है, हाँ एक अगत्स्य रूपी साधू स्वामी  जरुर इस समुद्र को सुखा के सारे मोती दुनिया को दिखाना चाहता है.
७.मानिस तिवारी : 
विदेशी सहायता प्राप्त एक लूटो खोसो संस्था के मालिक, पेड मिडिया का वर्षों  का अनुभव. श्वान प्रवचन के बाद माफ़ी माँगने के अभ्यस्त. 

८. राबर्ट वढेरा: 
वैसे तो अब तक  ये आधिकारिक  नवरत्न नहीं है फिर भी खानदानी पेशा होने के कारन ये भी राहुल के खासम खास में से एक है. एक उम्दा ठठेरा, शीला की जवानी सा गठीले  बदन का मालिक, ये महाशय कभी कभी अपने पुत्रो तक को युवराज के कैम्पेन में बिना किसी की परवाह किये भेज देते हैं वो भी अपनी सुन्दर पत्नी के साथ.
९. मंद मोहन  सिंह  : 
लास्ट बट नाट लिस्ट  इन नवरत्नों के टीम लीडर मनमोहन अपने टीम की अ कुशलता में माहिर हैं . इनकी वजह से मूक बघिर स्कूल  और रोबोट बनाने वाली कंपनियों में तनाव व्याप्त हो गया है , दोनों ही अपना अपना अधिकार  इस भले मानस पे जाताना चाह रही है  लेकिन मंद्मोहन हमेशा की तरह चुप्पी तोड़ने से इनकार  कर रहें हैं. इनको बोलने नहीं आता, इनसे प्रेरणा ले के मूक बघिर स्कुलो  के बच्चो ने मंद मोहन को अपना प्रोजेक्ट बनाया है. सभी मूक बघिर बच्चो के प्रेरणा दायक श्रोत मंद्मोहन जी का व्यक्तिव टर्मिनेटर थ्री के एक चरित्र से मिलता जुलता है जो सिर्फ  फिडेड  भासा पढ़ और बोल सकता था. इतना उन्नत किस्म के रोबोटिक इंसान को देख अमेरिका भारत से जलने लगा  है, और इसी जलन के कारन शाहरुख़ को अमेरिकन  एअरपोर्ट पे रोक कर नए रोबोट के बारे में सलाह मांगी गयी थी. 

इन नवरत्नों का प्रभाव राहुल के व्यक्तित्व पे भी उसी तरह पड़ा है जैसे एक आम इंसान के ऊपर, राहू ,केतु  और  साड़े साती का पड़ता है. आजकल हमारा यह युवराज पता नहीं कहाँ है .... हैं से "था" हो चूका है. 
अब जनता दर रही है  की पता नहीं कब किस  प्रदेश के लोगो का भला हो जाए भिखमंगा हो के . 

1 comment:

सुमित प्रताप सिंह said...

सार्थक व आनंददायक लेख...